यूपी में ‘सिटी हीट एक्शन प्लान’ में बड़ा बदलाव: अब जिलाधिकारी तैयार करेंगे विस्तृत कार्ययोजना
Major change in UP’s ‘City Heat Action Plan
लखनऊ। Major change in UP’s ‘City Heat Action Plan, उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूपीएसडीएमए) ने ‘सिटी हीट एक्शन प्लान’ की कार्ययोजना में बदलाव कर अब जिलाधिकारियों से गर्मी से बचाव को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
पहले यह रिपोर्ट स्वयं सेवी संस्थाओं (एनजीओ) व पर्यावरण को लेकर काम कर रही संस्थाओं द्वारा तैयार की जानी थी। इसके लिए संबंधित संस्थाओं को 11 लाख रुपये तक की राशि देने की व्यवस्था की गई थी।
यूपीएसडीएमए ने वर्ष 2024 में ‘सिटी हीट एक्शन प्लान’ की कार्ययोजना तैयार की थी। राज्य सरकार ने अनुमति मिलने के बाद इस कार्ययोजना पर काम शुरू किया गया था।
इसके लिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया था वह गर्मी से बचाव के लिए एनजीओ, पर्यावरण के लिए काम करने वाली संस्थाओं व विशेषज्ञों से रिपोर्ट लेकर अपने-अपने जिले की कार्ययोजना तैयार कर यूपीएसडीएमए को भेजें।
पहले चरण में आगरा, लखनऊ, गोरखपुर, अयोध्या के लिए हीटवेव के जोखिम से बचाव को लेकर कार्ययोजना तैयार कर संबंधित जिलों में उसे लागू किया जाना था।
साथ ही संबंधित शहरों में छोटे-छोटे वन क्षेत्र को बढ़ाने की भी कार्ययोजना तैयार की गई थी। जिलाधिकारियों ने यूपीएसडीएमए को जो रिपोर्ट भेजी हैं, उनका अध्ययन करने के बाद यूपीएसडीएम ने संबंधित रिपोर्ट को खारिज कर दिया है।
साथ ही संबंधित जिलों के लिए जिलाधिकारियों को लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद, अयोध्या और गाजियाबाद के लिए नए सिरे से ‘सिटी हीट एक्शन प्लान’ तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यूपीएसडीएमए ने बाकी के जिलों के जिलाधिकारियों को भी इस संदर्भ में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन, नगर निगम, नगरीय निकाय, कृषि, बागवानी, मौसम सहित अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार करे। इस कार्ययोजना को तैयार करने में संबंधित जिलों के विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाए। इसके लिए जिला स्तर पर समितियों का भी गठन किया गया है।